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मोटापा आज की तारीख में हमारे समाज के लिए एक बहुत ही गंभीर विषय बन चुका है अगर मोटापा की बात करें तो इसका मुख्य कारण हमारी जीवनशैली है। लोगों की अव्यवस्थित जीवन शैली के कारण यह समाज में बहुत तेजी से फैल रहा है आज हम बात करें तो औसतन हर घर में आपको एक व्यक्ति मोटापे से ग्रसित जरूर उपस्थित होगा मोटापा से ग्रसित प्रति व्यक्ति इससे छुटकारा चाहता है कि वह मोटापे पर आजाद हो हम में से बहुत लोग ऐसे होते हैं जो कि बहुत तरह के व्यायाम तथा डाइट चार्ट को फॉलो करते हैं मगर कुछ दिन करने के बाद वह फिर से अपनी पुरानी व्यवस्था में वापस लौट आते हैं डिस्ट्रिक्ट कारणे व  results नहीं मिल पाता जिसकी hope लोग करते हैं सबसे पहले मोटापा कम करने के लिए आपके अंदर बहुत ही इसके प्रति निष्ठा तथा प्रतिबद्धता और संयम होना चाहिए अगर आपके अंदर यह तीनों चीजें नहीं हैं तो आपके लिए बहुत मुश्किल होगी मोटापा कम करने के उपाय कि हम बात करें तो सबसे अच्छा माध्यम  योगा है  योगा एक ऐसा IDEA है।जिसको  Regularly करने के पश्चात आपको अंदर से ताजगी एवं खुशी का अनुभव होता है जी हां दोस्तों आज समाज में मोटापा को कम करने के लिए योगा का भरपूर सहारा  लिया जा रहा है।  योगा द्वारा मोटापा कम करने की प्रक्रिया एक धीमी प्रक्रिया है। जिसमें आपको काफी समय लग सकता है इसलिए आप कोशिश करें कि इसे लगातार करते रहें और संयम बनाए रखें चलिए हम आज बात करते हैं विभिन्न प्रकार के योगासन हॉकी टीम के द्वारा आप अपने मोटापा को नियंत्रित कर सकते हैं।
मोटापा कम करने के लिये योगासन
1)Bhujangasana ( भुजंगासन)
2)Trikonasana ( त्रिकोणासन)
3)Virabhadrasana ( वीरभद्रासन)
4)Surya Namaskar ( सूर्य नमस्कार)
5)Dhanurasana ( धनुरासन)
भुजंगासन से दूर होते कमर के रोग
1)भुजंगासन बहुत ही अद्भुत  योगासन है जिसमें व्यक्ति एक सांप की तरफ फन उठाया लगता है इसी कारण से इस योगासन का नाम भुजंगासन है। भुजंगासन को नियमित करने पर या आपकी छाती और कमर की मांसपेशियों को अति लचीला बना देता है जिस कारण से कमर में आए हुए तनाव दूर हो जाते हैं अगर कोई भी व्यक्ति पेट  से  Related problems का solution मिल जाता  है ।भुजंगासन स्त्रियों में गर्भाशय में खून के दौरे को नियंत्रित करने में भी सहायता प्रदान करता है पेट या फिर गुर्दे से संबंधित किसी भी प्रकार के रोग के लिए भुजंगासन बहुत ही लाभकारी है।
भुजंगासन किस प्रकार से करें।
1)सर्वप्रथम आप जमीन पर पेट के बल लेट जाएं और उसके बाद आप अपने पद अंगुली और अपने सिर को जमीन पर सीधा रखें।
2)अब अपने पैर को एकदम सीधे रखें तथा अपने पांव और ऑडियो को भी एक साथ रखें।
3)अब आप अपने दोनों हाथ दोनों कंधों के बराबर नीचे रखे तथा दोनों कोहनियों को शरीर के समीप और तथा उसके Equal रखें।
4) उसके पश्चात व्यक्ति को एक लंबी सांस लेते हुए धीरे से अपने मस्तक उसके बाद अपनी छाती और अंत में अपने पेट को उठाएं जबकि नाभि को जमीन पर ही रखें।
5)कोशिश करें कि दोनों बाजुओं पर एक समान बाहर बनाए रखें।
6)अब ध्यान से सांस लेते हुए  पैरों  को धीरे-धीरे और भी अधिक stretch करते हुए दोनों Hands(हाथों) को एकदम सीधा करें और गर्दन उठाते हुए ऊपर की ओर देखने की कोशिश करें।
7)अब आप ध्यान से पैर को सीधा करते हुए लंबी लंबी सांसे खींचें।
8)अंत में सांस को छोड़ते हुए सर्वप्रथम पेट फिर छाती और बाद में अपने मस्तक को धीरे से जमीन से उठाएं।
2)त्रिकोणासन को करने से पूर्व आप इस बात का ध्यान रखते हैं कि आपने अन्य योगासनों को इससे पहले ही कर लिया हो क्योंकि इस आसन में हमारे कमर पर जोर पड़ता है अगर आप पहले से ही अन्य योगासन कर चुके हैं तो ही इसे करें और सामने झुकते समय ध्यान दें कि आपका संतुलन ना बिगड़े।
त्रिकोणासन किस प्रकार करें।
1)त्रिकोणासन को करने के लिए सर्वप्रथम आप खड़े हो जाएं और अपने पैरों के बीच अपनी सुविधा के अनुसार उचित दूरी लगभग 2 से 3 फुट की बना  ले।
2)उसके पश्चात आप अपने दाहिने पंजे को लगभग 90 डिग्री तथा अपने बाए पंजे को लगभग 15 डिग्री तक घूमाए।
3)अब आप अपनी दाहिनी एड़ी के केंद्र को अपने बाएं  Leg  के द्वारा  बन रहे घुमाव को केंद्र की सीध में लेकर आएं।
4)ध्यान दें इस दौरान आप के पंजे जमीन पर जोर दे रहे हो और आपके शरीर का भार दोनों पैरों पर समान रूप से हो।
5)अब आप एक गहरी लंबी सांस अंदर ले और सांस को बाहर छोड़ते हुए अपने शरीर को अपनी तरफ  तरफ मोड़े और अपने कूल्हों से (Down Side)नीचे की अोर आराम से back boneको सीधा रखते हुए अपने बाएं हाथ को ऊपर हवा में उठाने और दाहिने हाथ को नीचे जमीन की तरफ ले जाएं इस प्रकार अपने दोनों हाथों को एक  सीध में रखें।
6)इस दौरान आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आपका शरीर किनारे की तरफ से मुड़ा हुआ हो  Body   Forward (आगे) या back ( पीछे) की ओर झुका ना हो।
7)अब आप अपने शरीर में ज्यादा से ज्यादा तनाव बनाए रखें तथा स्थिर बने रहें गहरी गहरी लंबी सांसे लेते रहे बाहर जाति प्रत्येक  सांस के बाद शरीर को आराम दें और अपने शरीर को एक श्वास के साथ मन स्थिर रखें।
8)इस दौरान जब आप  Oxygen लें तो इस दौरान अपनी body को ऊपर की ओर उठाएं और हाथों को नीचे की तरफ जाएं और अपने पैर एकदम सीधे रखें।
9)और आपको अंत में यही प्रक्रिया दोबारा दूसरी तरफ से करनी होगी।
3)वीरभद्रासन जो कि हमारे घुटनों के पीछे किन्नर जांगो पैरों तथा टखने को मजबूत करने के लिए बहुत ही अच्छा सा है क्योंकि जब भी आप अपनी जान को को आगे की ओर झुकाते हैं तो आपके शरीर का सारा वजन आपके ऊपरी भाग की ओर स्थानांतरित हो जाता है इस दौरान आपके पेट पर काफी दबाव पड़ता है जिससे कि आपके शरीर की आंतरिक शक्तियों में काफी बढ़ोतरी होती है जब आप के आंतरिक शक्ति में बढ़ोतरी होगी तो आप किसी भी कार्य को लंबे समय तक कर सकते हैं यह आसन कैसे करें।
वीरभद्रासन किस प्रकार से करें।
1)इस आसन को करने के लिए सर्वप्रथम आप अपने पैरों  को 2- 3 फुट की दूरी पर फैला कर सीधे खड़े हो जाएं।
3)अब आप अपने दाहिने पैर को 90 डिग्री तथा अपने बाएं पैर को 15 डिग्री तक घूमाए।
3)ध्यान दें कि आपकी अदाएं इन हिंदी बाए पैर के एकदम सीध में हो।
4)अब आप अपने दोनों हाथों को कंधों तक ऊपर उठाएं तथा अपनी हथेलियों को आसमान की तरह ऊपर खोलने का प्रयास करें।
5)ध्यान दें कि आपके hands ( हाथ) Ground (जमीन) के बिल्कुल समानांतर रहे हो।
6)जब आप साथ छोड़े तो आप अपने दाहिने घुटने को मोडे़।
7)इस दौरान आपको एक बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि आपका दाहिना घुटना एवं दाएं नाटक में एक सीन में रहे घुटने टेकने से आगे नहीं होना चाहिए।
8)अब अपने सर को घुमाए तथा दाहिनी ओर देखने का प्रयास करें।
9)जब आप स्थिर हो तो अपने हाथों को और खींचने का प्रयास करें।
10)अब आप अपने स्वार्थ को छोड़ते वक्त दोनों हाथों को बाजू से नीचे ले आएं।
4)सूर्य नमस्कार- सूर्य नमस्कार वास्तव में एक अद्भुत yoga San माना जाता है यदि आप इसे सुबह सुबह करते हैं तो यह आपके लिए बहुत ही लाभकारी सिद्ध होगा सूर्य नमस्कार करने से आपका मन बहुत ही शांत तथा खुश रहता है। फूट नमस्कार सभी प्रकार के आसनों में सबसे मुख्य योगासन है चलिए हम जानते हैं इसको किस प्रकार से करें।
सूर्य नमस्कार  Kis Tarah Kre
1)सूर्य नमस्कार  को करने के लिए आपको सर्वप्रथम आप जमीन पर खड़े हो जाएं और उसके पश्चात अपने पैरों के दोनों पंजों को एक साथ जोड़ें और पूरा अपने शरीर का वजन अपने दोनों पैरों पर रखें अब आप अपनी छाती को फुलाएं तथा अपने कंधों को ढीला करें अब आप अपनी सांस को लेते हुए दोनों हाथ बगल से ऊपर उठाए तथा सांस छोड़ते हुए हथेली को जोड़ते हुए छाती के सामने प्रणाम मुद्रा में ले आएं।
5) धनुरासन बहुत ही अच्छा आसन है जो ना आपके मोटापे को कम करने में सहायता करता है बल्कि आपके हाथ पैर को भी मजबूर करता है इस आसन  से आपके stomach ( पेट) पर  streach (खिंचाव) पड़ता है और साथ ही साथ आपके पेट को भी लचीला बनाता है लगातार इस आसन को करने से आपका पेट लचीला हुआ तथा आपके पेट की चर्बी में कमी आएगी आई एम जानते हैं कि हम इस आसन को किस प्रकार से करते हैं।
धनुरासन किस प्रकार से करें।
1)धनुरासन को करने के लिए सर्वप्रथम आपको पेट के बल लेटना होगा उसके बाद आप अपने पैरों को फैलाए दोनों हाथ शरीर के दोनों अोर सीधे रखें।
2)अब इसके पश्चात आप अपने घुटनों को मोड़कर कमर के पास जाएं और अपने  घुटिका को हाथों से पकड़े।
3)अब आप सांस लेते हुए अपनी छाती को जमीन से ऊपर उठाने तथा अपने पैरों को कमर की ओर खींचे।
4)और अपने Face(चेहरे) को बिल्कुल straight (सामने)रखिए।
5)इस आसन को करते हुए जब आप एकदम पूर्ण स्थिति में आ जाएंगे तो आपको अपना शरीर एक धनुष की भांति ही नजर आएगा।
6)मगर एक बात अवश्य ध्यान देने योग्य है कि आप अपनी क्षमता के अनुसार ही अपने शरीर को खींचे आवश्यकता से अधिक ना खींचे।
7)25 से 30 सेकंड इस स्थिति में बने रहने के बाद आप स्वयं के hands (हाथ) legs ( पैरों )को धीरे से छोड़ते हुए जमीन पर ले जाएं कुछ देर बाद फिर से इस प्रक्रिया को फिर से दोहराएं।
Motapa society(समाज) में एक बहुत ही गंभीर समस्या बन कर उभरा है व्यक्ति भले ही जितना देखने में सुंदर हो लंबाई में भी अच्छा हो लेकिन यदि व्यक्ति का पेट बाहर आ जाए तो उसकी सारी खूबसूरती बेकार हो जाती है चाहे वह पुरुष हो या फिर महिला। इस समस्या का जिम्मेदार काफी हद तक व्यक्ति स्वयं ही होता है आजकल के morden(आधुनिक)जीवन में व्यक्ति परिश्रम से बचने की कोशिश करता है। मोटापा होने या फिर बढ़ने के बहुत से कारण है । आज हम मोटापे पर विस्तार से चर्चा करेंगे और बताएंगे कि मोटापा बढ़ने के क्या कारण है और आप इसको किस तरह से बिना जिम जाए घर बैठे एक्सरसाइज करके कंट्रोल कर सकते हैं।
मोटापे का कारण-
शारीरिक मेहनत ना करना
पहले की तरह आज के लोग physically(शारीरिक रूप) से active(सक्रिय) नहीं होते है और खासकर बच्चे अब बाहर खेलने-कूदने के बजाय कंप्यूटर, मोबाइल और वीडियो गेम खेलना अधिक पसंद करते हैं। जिससे बच्चों में भी मोटापा बढ़ता जा रहा हैं। सिर्फ बच्चे ही नहीं, ऑफिस जाने वाले युवा भी आज निष्क्रिय जीवनशैली जी रहे हैं, जिससे मोटापे जैसी समस्या हो रही है।

जंकफूड का सेवन
अब लोग घर के Tasty(स्वादिष्ट) food(व्यंजन)और पौष्टिक खाना खाने के बजाय junkfood(जंकफूड)खाना पसंद करते हैं जो कि मोटापे के प्रमुख कारणों में से एक हैं। junkfood(जंकफूड)से ना सिर्फ motapa बढ़ता है बल्कि कई बीमारियां होने का खतरा भी रहता है।

 Exercise ना करना
लोगों के पास भागदौड़ की जिंदगी में इतना समय नहीं बचता कि वे exercise करें, लोग exercise जैसी चीजों को बहुत हल्के में लेते हैं। नतीजन Motapa बढ़ता रहता है।

एक ही जगह बैठे रहना
कई लोगों का काम सिर्फ एक ही जगह बैठकर करने का होता है, नतीजन लोग घूमना-फिरना बिल्कुल नहीं कर पाते और ऐसे में भूख भी बहुत लगती हैं। ये स्थिति Motapa की बहुत बड़ी कारक है।

डायटिंग जैसी चीजों को अपनाना
कुछ लोग फिट होने के लिए डायटिंग जैसी आदतों को अपनाते हैं, नतीजन वे डायटिंग ठीक तरह से नहीं कर पाते जिससे उनका मोटापा कम होने के बजाय बढ़ जाता हैं।

भूख से अधिक खाना
कुछ लोगों को हर time(समय)खाने की habbit(आदत)होती है फिर चाहे उन्होंने थोड़ी देर पहले ही खाना क्यों ना खाया हो। ऐसे में हर समय खाने की आदत भी Motapa का कारण बनती हैं।

आनुवांशिक मोटापा
कई बार मोटापे के कारणों में आनुवांशिकता भी छिपी होती हैं यानी घर का कोई सदस्य या माता-पिता में से कोई मोटापे का शिकार है तो बच्चे को भी मोटापे की शिकायत होती है।

तनाव लेना
कई बार लोग जरूरत से ज्यादा तनाव ले लेते हैं। क्या आप जानते हैं तनाव, डिप्रेशन और अवसाद जैसी चीजें मोटापे को जन्म देती हैं।

दवाईयों के कारण
किसी बीमारी के चलते लंबे समय तक दवाईयों का सेवन भी मोटापे का कारण बन सकता है। दरअसल दवाओं का साइड-इफेक्ट भी मोटापे के कारणों में से एक हो सकता है।Motapa के कई और भी reason(कारण) हैं।जैसे अधिक सोना, खाने के बाद ना टहलना, लेटकर खाना, खाने के बीच पानी पीना।

Motapa कम करने की Exercise
Side Plank Exercise-
Side Planks  एक body weight exercise है। तथा fit(फिट) रहने के लिए प्लैंक exercise करना बहुत फायदेमंद होता है। belly fat(बैली फैट)और hips(कूल्हों)पर जमा extra fat(अतिरिक्त Motapa) को कम करने के लिए Side planks exercise काफी फायदेमंद होती है। Six packs Aabs बनाने के लिए भी Side planks जरूरी होती है। पेट और कमर को अच्छे आकार में ढ़ालने के लिए प्लैंक एक्सरसाइज (Plank Exercise) का सहारा ले सकते हैं। प्लैंक करने से पेट की मसल्स ताकतवर बनती है और शरीर की कार्य शक्ति बढ़ जाती है। इस आर्टिकल में हम आपको प्लैंक करने के तरीके और उसके फायदों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जाने कि प्लैंक एक्सरसाइज के फायदे (Benefits of Plank Exercise) स्वास्थ्यवर्धक लाभ कौन-कौन से होते हैं।

1. Side Planks एक्सरसाइज करने का तरीका
प्लैंक एक्सरसाइज करने के लिए घुटने मोड़कर जमीन पर बैठ जाएं और दोनों हथेलियां फर्श पर टिका लें। ध्यान रहें की कंधे और हथेलियां एक ही लाइन में हो, कोहनी को कसकर रखें और शरीर का भार पैरों की अंगुलियों पर रखें। 5-6 मिनट इसी स्थिति में रहें। प्लैंक एक्सरसाइज कई तरह से कर सकते हैं जैसे फुल प्लैंक, एल्बो प्लैंक, हाफ प्लैंक आदि।

Side Planks exercise के फायदे 
Stomach(पेट)की muscles(मसल्स) मजबूत बनाने में
Stomach(पेट) की muscles(मसल्स)को powerful(शक्तिशाली) बनाने के लिए Side Plabks करना लाभकारी होता है। यह पेट के प्रत्येक मांसपेशियाँ समूह को मजबूती प्रदान करने में मदद करता है। इससे अधिक वजन उठाने की क्षमता बढ़ती है, और जंपिग यानी की कूदने की शक्ति भी बढ़ती है जो कि खिलाड़ियों के लिए जरूरी होती है। (और पढ़े – रस्सी कूदना है जल्दी वजन घटाने का आसन तरीका)

पीठ दर्द को ठीक करने में 
प्लैंक करने से स्पाइन यानि की रीढ़ की हड्डी और हिप्स यानि की कूल्हों पर जरुरत से ज्यादा जोर नहीं पड़ता है। इसलिए प्लैंक करते समय पीठ और स्पाइन में चोट का खतरा कम हो जाता है। इसी के साथ यह ना सिर्फ पीठ के दर्द को ठीक करती है बल्कि मांसपेशियाओं को मजबूती भी देता है।

मेटाबॉलिज्म को मजबूत करने में
रोजाना Side Planks करने से काफी मात्रा में कैलोरी बर्न होती है और पसीना बहता है। प्लैंक के दौरान पेट की मांसपेशिया मजबूत बनती है जिससे पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है यहीं कारण है कि रोजाना 5-10 मिनट प्लैंक करने पर मेटाबॉलिज्म मजबूत होता है।
शरीर का संतुलन बनाने में
शरीर को अगर आप सही तरह से संतुलन में करना चाहते है तो Side planks exercise इसमें आपको मदद करती है। कोई भी व्यक्ति एक पैर पर कुछ मिनटों से ज्यादा Time तक नहीं stand(खड़ा)हो पाता हैं। लेकिन Side planks exercise करने से मांसपेशियां शक्तिशाली बनती है जिससे लंबे समय तक संतुलन बना कर रखा जा सकता है जिसके द्वारा व्यक्ति head(सिर) के बल तथा एक leg(पैर) पर लंबे समय तक balance (संतुलन)बना सकते हैं।
 शरीर का लचीलापन बनाए रखने में
Side Planks exercise करने से body(शरीर)का balance(संतुलन) तो बढ़ता ही है साथ ही इससे कंधे, पैर, कमर आदि की muscles (मसल्स) strong(मजबूत) बनती है। जिससे शरीर का लचीलापन भी बढ़ जाता है।
मानसिक स्वास्थ्य में वृद्धि
मांसपेशियों में तनाव के कारण शरीर में भी दर्द और तनाव होता है। लगातार बैठे रहने के कारण आपकी मसल्स में तनाव आ जाता है। मांसपेशिया के खिंचाव को कम करने के लिए Side planks exercise करें। Side planks exercise करने से आपका mind(दिमाग)शांत होता है और चिंता और अवसाद का खतरा भी कम हो जाता है।
Side planks exercise करते समय सावधानियां
कोर मसल्स कमजोर होने पर प्लैंक ना करें
रीढ़ की हड्डी कमजोर होने पर प्लैंक ना करें
गर्दन में दर्द होने पर प्लैंक ना करें
Squats
Squats के फायदे
Squats बहुत ही essay(आसान) work out है, फिट रहने के लिए आप नियमित रूप से workout कर सकते हैं। इससे आपके पूरे शरीर की exercise होती है।squats ऐसा workout है जिसके जरिये बिना उपकरण के आप stretch training कर सकते हैं। यानी आप इससे शरीर की मांसपेशियों को मजबूत कर सकतें हैं।
Squats कैसे करें।
सर्वप्रथम आप अपने दोनों hands(हाथ) सामने की ओर खुले रखें, सीधे खड़ें हो और छाती थोड़ी सी बाहर निकालें। अपने घुटनों को मोड़ते हुए ऐसे बैठें जैसे आप किसी कुर्सी पर बैठ रहे हों। अपने घुटनों को पंजों के सामांतर ही रखें। जब तक नीचे झुकें जब तक आपकी जांघें जमीन के समांतर न हो जाएं। ऊपर आते समय सांस छोड़ें।

जांघों की चर्बी कम करे
अधिकतर  व्यक्ति लोग exercise करते time कमर के निचले parts (हिस्सों)को भूल जाते हैं, और शरीर के ऊपरी हिस्‍सों का व्‍यायाम करते हैं। लेकिन स्‍क्‍वैट्स से पैरों की चर्बी आसानी से घटाई जा सकती है। डीप स्क्वैट्स को जांघों या हिप्स की चर्बी कम करने के लिए यह बेहतरीन व्‍यायाम माना जाता है।

मांसपेशियों के लिए
मांसपेशियों को मजबूत करने से बढ़ती उम्र के कारण होने वाली problems काफी हद तक कम हो जाती हैं। squats आपके पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ पूरे शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। दरअसल squats करते time शरीर के विकास के लिए आवश्यक हार्मोन टेस्टोस् टेरॉन का स्राव अधिक होता है, जो कि मांसपेशियों के विकास में सहायक है। यह  legs(पैरों) के साथ साथ पूरे शरीर की मांसपेशियों के लिए होता है।

चर्बी कम करे
Squats के जरिये आप तेजी से अपने शरीर की चर्बी कम कर सकते हैं। यह न केवल पैरों की चर्बी कम करता है, बल्कि इससे कमर, hips हाथ, पेट आदि की चर्बी भी तेजी से कम होती है। इसके जरिये आप अपने शरीर से ‍extra कैलोरी लगभग 500-700 तक जला सकते हैं। यानी अब आप तेजी से अपना वजन कम करने में कामयाब होंगे।

संतुलन बेहतर बनायें
शरीर का संतुलन बनाना कोई आसान काम नहीं है, इसके लिए आपको बहुत जद्दोजहद करनी पड़ती है। लेकिन squats ऐसा वर्कआउट है जो आपको फिट रखने के साथ body (शरीर) का balance(संतुलन) बेहतर बनाने में भी help(मदद) करता है। इसका अभ्यास करते time आप उठक-बैठक करते हैं जो balance(संतुलन) के लिए लिए मददगार है।
चोटों से बचाव
चोट लगने की संभावना तब और बढ़ जाती है जब किसी व्‍यक्ति की मांसपेशियां, संयोजी-ऊतक (connective tissues) और लिगामेंट्स कमजोर होते हैं। ऐसे में स्‍क्‍वैट्स आपकी मदद करता है और चोटों से बचाव करता है। क्‍योंकि स्क्‍वैट करने से मांसपेशियां और जोड़ मजबूत होते हैं, खासकर पैरों के जोड़, जहां चोट लगने की संभावना अधिक होती है। इसका सबसे अधिक फायदा खिलडि़यों और एथलीट को होता है।
क्षमता बढ़ाता है
अगर आपका झुकाव खेलों के प्रति अधिक है, लेकिन आपकी क्षमता कम होने के कारण आप न तो तेजी से दौड़ पाते हैं और न ही ऊंचा उछल सकते हैं। ऐसे में आपकी मदद करता है स्‍क्‍वैट्स। स्‍क्‍वैट्स करने से व्‍यक्ति की शारीरिक क्षमता बढ़ती है और वह खेलों में अच्‍छा कर पाता है। वह तेजी से दौड़ सकता है और अधिक ऊंचाई तक कूद भी सकता है।

शरीर को सुडौल बनाये
शरीर को सुडौल बनाना आसान काम नहीं है, इसके लिए आप घंटों जिम में पसीना बहाते हैं, डायटिंग करते हैं, वगैरह-वगैरह। लेकिन फिर भी कमर के नीचे के हिस्‍से खासकर कूल्‍हे और पैरों पर आपका ध्‍यान बिलकुल ही नहीं जा पाता है। ऐसे में squats आपकी मदद करता है। इस वर्कआउट के जरिये आपके पैर, कमर, कूल्हे के साथ-साथ पूरा शरीर सुडौल बनता है। तो नियमित रूप से squats को दूसरे exercise के साथ जरूर करें।

Burpees
फिट रहने की जरूरत हो या मोटापा कम करने की बात, इसके लिए exercise कारगर उपाय है। exercise का ही एक प्रकार है Burpees exercise को आमतौर पर एरोबिक फिटनेस और शरीर की मजबूती के लिए किया जाता है।

Burpees Exercise Kya hai
Burpees में squats push-up और jumping jack तीनों exercise की जाती हैं। और ये तीनों  exercise आपको एक ही सेट में करनी होती हैं। टांगों, बाहों और छाती की मांसपेशियों के लिए  अच्छी exercise है  Burpees के लिए Squats पोजिशन की तरह दोनों हाथों को जमीन पर रखकर शुरू करते हैं। इसके बाद एक टांग को ऊपर उठाकर push-up की postion(मुद्रा)में आएं। इसी तरह दूसरी टांग को ऊपर उठाकर इस क्रिया को दोहराएं।

इस दौरान जितनी तेजी से हो सकें अपने शरीर को Squats की पोजिशन में ऊपर और नीचे लाएं। आप चाहें तो Bupees में दोनों हाथों को मिलाकर jumping jacks से भी शुरू कर सकते हैं। bupees में किए जाने वाले exercise आपके लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। इससे आपके शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम होती है और हृदय की धड़कने भी सामान्य रहती हैं। साथ ही शरीर को मजबूती मिलती है।

Burpees exercise  के फायदे
Burpees body(शरीर) के लिए लाभकारी exercise है। कई मामलों में personal trainer ग्राहकों को अपने वर्कआउट रुटीन में Burpees exercise शामिल करने की सलाह देते हैं। यह आपका कार्डियोवस्कुलर बीमारी से भी बचाव करती है और आपके वजन को बढ़ने से रोकती है। इस लेख के जरिए हम आपको बताते हैं कि किस तरह बर्पी एक्‍सरसाइज आपके शरीर को मजबूत बनाती हैं।

बढ़ती है शारीरिक क्षमता
Burpees exercise करने का सबसे पहला और बड़ा फायदा यह है कि इससे आपका शरीर मजबूत होता है और आपकी शारीरिक क्षमता भी बढ़ती है। बर्पी में पुश-अप और स्‍क्‍वाट की जाती हैं, जो कि शरीर को मजबूती देती हैं। यदि आप बर्पी के एक सेट में स्‍क्‍वाट को ज्‍यादा दोहराते हैं तो इससे आपकी टांगे ही नहीं बल्कि पूरे शरीर को मजबूती मिलती है।
सहनशीलता
मांसपेशियों की सहनशीलता बढ़ाने के लिए बर्पी एक्‍सरसाइज अच्‍छा विकल्‍प हैं। जानकारों के मुताबिक 30 सेकेंड में तेजी से 15 बार बर्पी को दोहराना मांसपेशियों के लिए फायदेमंद होता है। साथ ही बर्पी वजन को भी नियंत्रित रखती है। अगस्‍त 2004 में जर्नल ऑफ स्ट्रेंथ एंड कंडटिंग रिसर्च में प्रकाशित एक शोध में बताया गया कि बर्पी को दोहराने से मांसपेशियों की सहनशीलता में बढ़ती है।

हृदय रोग से बचाव
Burpees ऐनरोबिक training(ट्रेनिंग) का ही एक प्रकार है। Burpees exercise शरीर की मांसपेशियों को मजबूती करने के साथ ही आपके हृदय और गुर्दे को भी दुरुस्त रखती हैं। इससे आपको कार्डियोवस्‍कुलर डिजीज होने का खतरा कम होता है। कम समय में बर्पी को ज्‍यादा से ज्‍यादा दोहराने पर आपकी एरोबिक एक्‍सरसाइज की क्षमता बढ़ती है।

वजन कम करने में फायदेमंद
वजन कम करने के आप जिम जाने से लेकर खानपान तक में बदलाव क्या-क्या नहीं करते, लेकिन Burpees exercise वजन को तेजी से घटाने में कारगर है। वजन कम करने के लिए आपको दिन भर में ली जाने वाली कैलोरी से ज्‍यादा खर्च करने की जरूरत होती है। इसमें आपकी काफी कैलोरी बर्न होती है, इसलिए यह आपका वजन तेजी से कम करने में मददगार है।

Body(शरीर)को strong(मजबूत) बनाने के लिए Burpees सबसे फायदेमंद exercise है ।क्योंकि इसमें बॉडी की मसल्स को सबसे ज्यादा फायदा होता है। यदि आप भी अपने शरीर को मजबूत करने के साथ ही बीमारियों से दूर रहना चाहते हैं तो बर्पी को दिनचर्या में शामिल करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। लेकिन ध्‍यान रखें इन्हें शुरू करने से पहले एक बार एक्सपर्ट से सलाह ले लें।
Pushups
कौनसा व्यक्ति है जो Zim(जिम) ना जाता हो या फिर  exercise  न करता हो सभी करते हैं, घर पर भी करते हैं, स्वीमिंग पूल के बाहर भी करते हैं, बेड रूम में भी करते हैं। मगर कितने हैं जो इसे सही ढंग से करते हैं। ये सवाल अगर कोचिंग देने वालों से पूछें तो वो कहेंगे कि पचास फीसदी लोग गलत करते हैं। सबसे बड़ी mistake(गलती) होती है hands(हाथों)की postion(पोजीशन)में। ये आसान सी दिखने वाली कसरत इतनी बेसिक है कि आप इससे मुंह नहीं मोड़ सकते। इसलिए जरूरी है कि आप इसे सही ढंग से करने का तरीका सीख लें। इसे आप बहुत आसान भी बना सकते हैं और बहुत सख्त भी।
Pushups Kaise kare?
1. image को ध्यान से देखें और postion(पोजीशन) बना लें। चाहें तो अपने पंजे किसी ऐसी जगह पर रखें जो जरा सी ऊंची हो ताकि आप पीछे की ओर न जाएं। आपको किसी ऊंची चीज पर पैर रखना नहीं बस उसके ठीक आगे पंजा टिकाना है ताकि आप पीछे की ओर जाने से बच जाएं।
2. हाथ चेस्ट के नजदीक रखें। इतना नजदीक कि अगर आप अंगूठा थोड़ा सा खीचें तो आपकी चेस्ट के निप्पल के लगभग एक इंच नीचे टच करें।
3. इस कसरत में कोहनियां बाहर की ओर कतई नहीं भागेंगी। कोहनियों का एंगल भीतर की ओर होगा मगर उन्हें बॉडी से सटा कर न रखें।
4. नीचे आते वक्त सांस खीचें, गर्दन हल्की सी ऊपर रखें और पूरा ध्यान अपनी चेस्ट पर लगाएं। चेस्ट के हल्का से टच होने पर सांस छोड़ें और ऊपर जाएं। सारा खेल ध्यान और सांस का है।
5. नीचे आराम से आएं ऊपर थोड़ा तेजी से जा सकते हैं।
6. कमर में न तो गड्ढा पड़ना चाहिए और न ही कूबड़ बनना चाहिए। गर्दन से लेकर पैर तक सब एक लाइन में रहेंगे।
7.आसान और कठिन बनाने का तरीका- शुरू शुरू में कई लोगों से ये कसरत नहीं होती, लड़कियों को थोड़ी टफ पड़ती है। मगर इसका भी हल है। इसका सीधा सा फंडा है। अगर पैर ऊंची जगह पर होंगे और hands(हाथ) नीचे तो ये hard(कठिन)होती जाएगी। अगर hand(हाथ) ऊंचाई पर होंगे और पैर नीचे तो ये  exercise आसान होती जाएगी।
8. शुरुआत में आप अपने हाथों को किसी ऊंची जगह पर रखें। जैसे दो ईंटें, या बेंच का किनारा या कुर्सी वगैरा। प्रैक्टिस करते रहेंगे तो हो जाएगी। इसके अलावा पंजे की बजाए knee(घुटनों)के बल postion(पोजीशन) बनाएं, ये भी आसान पड़ेगी। आगे चलकर पैर ऊंचाई पर रख सकते हैं, पीठ पर वेट रख सकते हैं और एक हाथ से भी कर सकते हैं। हालांकि एक हाथ की exercise से ज्यादा जोर ट्राइसेप्स पर जाता है। चेस्ट के लिए तो आपको दोनों हाथों से ही पुशअप्स करनी चाहिए।
जो लोग मोटापे से परेशान हैं और मोटापे को दूर करने के लिए अनेक तरह के प्रयोग और पैसे बर्बाद कर के थक चुके हैं तो हम बता दें के ये प्रयोग मोटापे के लिए काल साबित होगा। आप अपने रिजल्ट हमारे साथ ज़रूर शेयर करें। बिलकुल साधारण सा दिखने वाला ये प्रयोग सिर्फ थोड़े से दिनों में अपना रिजल्ट आपको दिखा जायेगा। और बड़ी बात ये है के ये नुस्खा बिलकुल आसान है। बढ़ते वजन की वजह से अगर आपको भी लगने लगा है कि आपकी पर्सनालिटी खराब हो रही है। इतना ही नहीं अपने मोटापे को छुपाने के लिए अब आपने ढीले-ढाले कपड़े पहनना या अंग्रेजी दवाओं का सहारा लेना भी शुरू कर दिया है तो पहले ये जरूर पढ़ लें-
आज के युग में लोग अगर सबसे ज्यादा किसी चीज से परेशान हैं तो वो है वजन का बढ़ना और पेट मे चर्बी का जमा हो जाना। इससे न केवल चलने फिरने में परेशानी होती है बल्कि और भी बहुत सारे बीमारियों का जन्म हो जाता है। इसलिए इस बढ़ते पेट की चर्बी को खत्म करना भी बहुत ही जरूरी है। लोग लाखों रुपये डॉक्टर को दे देते हैं पेट की चर्बी को कम करने के लिए लेकिन फिर भी कोई असर नही होता और साथ मे पैसे भी बर्बाद होते हैं लेकिन लोग कुछ घरेलू तरीके को अपना कर पेट की चर्बी कम करने की कोशिश नही करते।
यदि आप भी अपने पेट के बढ़ते हुए चर्बी से काफी परेशान हैं तो आज का यह पोस्ट अंत तक पढ़ लीजिये और बताये गए टिप्स को फॉलो कीजिये। इसके लिए आपको कुछ सामान की जरूरत पड़ेगी और फिर उसका जूस बनाना पड़ेगा। इस जूस को आपको रोज सुबह खाली पेट पीना है। आइये जाने इसके बारे में...

आवश्यक सामग्री :
  1. अदरक
  2. निम्बू
  3. शहद
तैयार करने की विधि :
इसको बनाने के लिए आपको इन तीन चीजों की जरूरत पड़ेगी जो कि आपको आसानी से कहीं भी मिल जाएगी। तो आइये जानते हैं कैसे इसको तैयार करना है। सबसे पहले 2 कप पानी ले कर उसे गैस पर गर्म कर लें और फिर अदरक को चाकू की सहायता से खूब अच्छे से छोटे छोटे टुकड़े बना लें फिर इस अदरक को उस गर्म पानी में डाल कर तब तक गर्म करें जब तक कि अदरक खूब अच्छे से पानी मे न मिल जाये। इसके बाद अदरक मिले हुए पानी को छान लें और फिर इसमें निम्बू का रस और शहद मिला लें। इस तरह से आपका जूस तैयार है।

कैसे सेवन करें :
जूस तैयार करने के बाद आप इसे रोज सुबह खाली पेट पीएं और साथ मे एक्सरसाइज भी करें। ऐसा कुछ ही दिनों तक करने से आपको काफी फर्क महसूस होगा।

कृपया ध्यान रखें :
इस प्रयोग के करते समय आप नाश्ता ना करें। नहीं तो मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलेगा। सुबह ये पीने के बाद सीधे दोपहर का खाना खाएं। और खाने के पहले एक प्लेट सलद खाएं। और भोजन में हरी सब्जियों का प्रयोग करें। और रात को भी सोने से 2-3 घंटे पहले भोजन कर लें। दोपहर और रात के भोजन के तुरंत बाद एक गिलास गर्म पानी चाय की तरह आधा नीम्बू निचोड़ कर पीयें। भोजन के साथ ठंडा पानी बिलकुल नहीं पीना।

क्या करे और किसका परहेज़ करे :

  • मैदे से बानी हुयी वस्तुओ से परहेज करें। मीठा और चीनी मोटापे में ज़हर के समान हैं। अनाज भी चोकर वाला (आटे को छानने से जो कचरा निकालते हैं वो चोकर होता है उसको मत निकाले) इस्तेमाल करें। फलों का जूस पीने की बजाय फल खाने चाहिए, इससे फाइबर भी मिल जाता है और जल्दी भूख नहीं लगती।
  • शीघ्र रिजल्ट पाने वाले व्यक्तियों को इसके साथ साथ में कुछ व्यायाम ज़रूर करना चाहिये। विशेषकर पश्चिमोत्तनासन, कपाल भाति और हो सके तो रनिंग या जॉगिंग ज़रूर करें।
  • आपको एक महीने में ही रिजल्ट मिल जायेगा।
  • इस उपाय का यदि आपने ईमानदारी से पालन किया तो आपका पेट अंदर हो जाएगा और आपकी वजन भी काफी हद तक घट जाएगी।

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