आधुनिक समय में इनफर्टिलिटी की समस्या बढ़ती जा रही है। ये समस्या महिलाओं एवं पुरुषों दोनों में होता है। बांझपन का मुख्य कारण शारीरिक संबंध, सेहत और उम्र  होती है। अगर महिला और पुरुष के बीच शारीरिक संबंध सही से स्थापित न हो, या फिर स्पर्म काउंट कम हो तो ऐसी स्थिति में इनफर्टिलिटी की समस्या का खतरा बढ़ जाता है।

वहीं, अगर सेहत सही हो तो स्पर्म काउंट भी सही रहता है। जिससे शारीरिक संबंध भी सही से स्थापित होता है। अगर सेहत ठीक न हो तो शरीर में स्पर्म काउंट का बैलेंस बिगड़ जाता है और स्पर्म काउंट में कमी आ जाती है। जिससे इनफर्टिलिटी की समस्या आ जाती है। इनफर्टिलिटी के लिए उम्र भी प्रमुख कारण है। 

अगर महिला और पुरुष के बीच उम्र में अधिक अंतर हो, या निर्धारित उम्र से अधिक उम्र में शारीरिक संबंध बनाया जाता है तो इस उम्र में स्पर्म काउंट सही नहीं रहता है। ऐसी स्थिति में महिला और पुरुष को इनफर्टिलिटी का सामना करना पड़ता है। वहीं, ये तीनों कारण महिलाओं पर भी लागू होता है। जिसमें अगर महिलाएं अधिक उम्र की हो जाती है तो एग सेल कम बनते हैं। जिससे इनफर्टिलिटी की समस्या आ जाती है। 

साथ ही महिलाओं में शारीरिक संबंध और सेहत इनफर्टिलिटी के लिए उतना ही जरूरी है, जितना पुरुष के लिए जरूरी है। अगर कोई दम्पत्ति संतान सुख से वंचित है तो आज हम आपको आयुर्वेद के जरिये कैसे महिला और पुरुष के बांझपन को दूर किया जा सकता है, इसके बारे में बताने जा रहे हैं। 

इनफर्टिलिटी के कारण- ( Reason of Increase fertility ) इनफर्टिलिटी के लिए जरूरी है कि महिला और पुरष के बीच भावनात्मक संबंध हो जो शारीरिक संबंध में एक साथ दिखे। अगर कोई मजबूरी में शारीरिक संबंध बनाता है तो ऐसी परिस्थिति में इनफर्टिलिटी की समस्या आती है। इसके लिए जरूरी है कि जब शारीरिक संबंध स्थापित हो तो दोनों के बीच भावनात्मक संबंध के तार भी जुड़े। प्रेग्नेंसी के लिए पुरुष शुक्राणु और महिला अंडाशय का गुणसूत्र मिलना चाहिए। ऐसा होने पर प्रेग्नेंसी के चांस बढ़ जाते हैं। अगर ऐसा नहीं होता है तो इनफर्टिलिटी की समस्या बनी रहती है। खान पान में तीखा, तला, नमकीन या प्रिजेटिव फ़ूड को खाने से पित्त बढ़ता है जो इनफर्टिलिटी को बढ़ाता है। 

पुरुषों में इनफर्टिलिटी के कारण- ( Increase fertility in men ) पुरुष में इनफर्टिलिटी के कई कारण होते हैं। जिसमें हार्मोन का असंतुलित होना, अत्यधिक स्मोकिंग, ड्रिंकिंग, वजन का असंतुलित होना, स्पर्म सेल का असंतुलित होना आदि। 

महिला में इनफर्टिलिटी के कारण- ( Increase fertility in women ) महिला में इनफर्टिलिटी के कई कारण होते हैं। जिसमें हार्मोन का बिगड़ना, अल्कोहल, स्मोकिंग, एग सेल कम प्रोड्यूस होना, ओवेल्यूशन प्रॉब्लम एवं ट्यूबल ब्लॉकेज ( tubal blockage )  आदि । 

आयुर्वेदिक उपचार-  ( Ayurvedic treatments to increase fertility ) फर्टिलिटी की समस्या को दूर करने के लिए जरूरी है कि महिला में एग सेल बनने के लिए पुरुष का स्पर्म काउंट नंबर सही हो। ऐसे में इस तालमेल को सही और सटीक स्थापित करने के लिए आयुर्वेद में कई उपचार है, जिसमें पंचकर्मा प्रमुख है। पंचकर्मा एक ऐसी आयुर्वेदिक पद्धति है। जिसमें टोक्सिन को बॉडी से डेटॉक्स किया जाता है। इसके साथ ही इस उपचार में विटामिन्स, मिनरल्स और हार्मोन्स को संतुलित किया जाता है। इसके लिए बॉडी को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सप्लाई और बिना टोक्सिन वाली कोशिकाओं को पोषित करने पर ध्यान दिया जाता है। इसके अतिरिक्त बॉडी की इम्युनिटी लेवल को इंक्रीज किया जाता है। जिससे गर्भधारण में मदद मिलें। इस पद्धति में तीन सप्ताह का वक्त लगता है। 

अभ्यंग उपचार- इस उपचार में आयुर्वेदिक तेल का इस्तेमाल शरीर की मालिश के लिए किया जाता है।  इससे शरीर के सभी अंगों की आयुर्वेदिकक तरीके से मालिश कर शरीर में मौजूद कमियों को दूर किया जाता है। ये उपचार महिला और पुरुष दोनों के लिए है। 

स्नेहपनम उपचार- इस उपचार में शरीर में एग सेल और स्पर्म काउंट के लिए आयुर्वेदिक घी का इस्तेमाल किया जाता है। जिसमें महिला और पुरुष को घी पीने के लिए दिया जाता है। जिससे शारीरिक संबंध स्थापित करने की शक्ति बढ़ती है। साथ ही पाचन तंत्र भी मजबूत होता है। 

पोडिक्कजी उपचार- इस उपचार में महिला और पुरुष को इन्फर्टिलटी की समस्या को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से बनाया गया चूर्ण खाने के लिए दिया जाता है। इस जड़ी बूटी से शारीरिक संबंध की स्पीड और ड्यूरेशन दोनों बढ़ता है। साथ ही ये दवा शरीर में मौजूद डेटॉक्स को बाहर करने में कारगर है। इस जड़ी बूटी में तनाव को दूर करने की भी अद्भुत शक्ति है। 

नजावरा उपचार- इस उपचार में प्राकृतिक रूप को अपनाया जाता है। इसके लिए एक पाक बनाया जाता है। जिसमें लाल पके चावल को दूध और जड़ी बूटी में मिलाकर बनाया जाता है। फिर इस पाक को सूती कपड़े में बांध दिया जाता है और इसके रस को तकरीबन आधे घंटे के लिए कन्धों और कमर पर निचोड़ा जाता है। इस रस से पूरे शरीर की मालिश की जाती है। इसके बाद आयुर्वेदिक तेल से शरीर की मालिश की जाती है। इस प्रक्रिया से गर्भ धारण की संभावना बढ़ जाती है। इसके साथ ही खान-पान पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। वहीं स्मोकिंग और ड्रिकिंग से भी दूर रहना जरूरी है। 

योग- इनफर्टिलिटी में योग भी बहुत लाभकारी होता है। इसके लिए योग चिकित्स्क कई आसनों का सुझाव देते हैं। जिसमें जानु शीर्षासन, उत्तानासन, पश्चिमोत्तानासन, भ्रामरी प्राणायाम और बद्ध कोणासन है। जिसे करने से इनफर्टिलिटी की समस्या दूर होती है। इन आसनों को करने से पेट, अंडाशय के साथ साथ प्रेग्नेंसी ऑर्गन्स की मसल्स को आराम मिलता है। साथ ही इनफर्टिलिटी में भी ये बहुत ही लाभकारी है। इन योगों को करने से स्ट्रेस और टैंशन दूर होता है। जिससे ओवरी हेल्दी रहता है। अगर ओवरी हेल्दी रहे तो एग सेल अधिक प्रोड्यूस होते हैं और फिर प्रेग्नेंट होने की संभावना बढ़ जाती है। प्रेग्नेंसी के लिए बॉडी में ब्लड का फ्लो होना बहुत जरूरी है और योग करने से बॉडी में ब्लड सर्कुलशन सही से होता है। जिससे सम्पूर्ण बॉडी को पोषण मिलता और भ्रूण विकास में यह फायदेमंद होता है ।

आयुर्वेद से इनफर्टिलिटी का इलाज सम्भव हैं । अगर कोई चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार नियमित रूप से आयुर्वेद इलाज लेता हैं तो रोगी को सकारात्मक एवं स्थाई परिणाम मिलेंगे ।
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