लवण भास्कर चूर्ण
आयुर्वेद में लवण भास्कर चूर्ण खाने को पचाने में एक बेहतरीन योग मना जाता है इसे सर्वप्रथम आचार्य भास्कर ने बनाया था. आयुर्वेद को अनेक संज्ञाएँ दी जाती है जैसेकि आयुर्वेद को जीवन का वेद माना जाता है क्योकि ये व्यक्ति को निरोगी रखने के योगों से भरा हुआ है, साथ ही आयुर्वेद हमे हमेशा ये शिक्षा देता है कि निरोगी कैसे रहा जाएँ और अगर कभी कोई रोग शरीर को शिकार बना भी ले तो उसे दूर कैसे किया जाए. आयुर्वेदिक उपचारों की सबसेख़ास बात ये होती है कि उनसे किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं होता. आज आपको एक ऐसे ही आयुवेदिक औषधि से परिचित कराने जा रहे है जो स्वास्थ्य और पाचन तंत्र के लिए काफी लाभदायी  है, जिसे लवण भास्कर चूर्ण के नाम से भी जाना जाता हैं ! इसे आप अपने घर में भी बना सकते हैं अगर आपको आयुर्वेद का ज्ञान हो

लवण भास्कर चूर्ण की खासियत ( Importance of Lavan Bhaskar Churn ) :
इसकी सबसे ख़ास बात ये है कि ये निरापद  है जिसे 1 से 3 ग्राम की मात्रा में लेने पर व्यक्ति की सभी पेट सम्बन्धी समस्याएं दूर हो जाती है. इस औषधि का प्रयोग काँजी, पानी और दही के साथ लिया जाता है किन्तु मट्ठा के साथ लेने पर इसका सर्वाधिक लाभ मिलता है.

लवण भास्कर चूर्ण कैसे करे इस्तेमाल ?
अगर इस चूर्ण को रात के समय गर्म पानी के साथ लिया जाए तो खुलकर शौच आता है, जिससे कब्ज में राहत मिलती है. वहीँ अगर इस चूर्ण में समान मात्रा में पंचसकार चूर्ण मिलाकर प्रयोग किया जाए तो ये दस्त तक लगा देता है जिससे दिन में 3 से 4 बार दस्त आते है और पेट पूरी तरह साफ़ हो जाता है.
इसका सेवन त्वचा सम्बन्धी सभी रोगों से निजात पाने और आम वात रोगों को दूर करने के लिए भी होता है इसके  बेनिफिट्स. भूख बढाने, पेट की वायु को बाहर निकलने, डकार इत्यादि में भी इस चूर्ण का इस्तेमाल फायदेमंद रहता है.

तो आइये जाने इसके बनाने की बिधि एवं सामग्री 
कैसे बनाएं लवण भास्कर चूर्ण ( How to Prepare Lavan Bhaskar Churn ) :
  • - 96 ग्राम : समुद्री नमक
  • - 48 ग्राम : अनार दाना
  • - 24 ग्राम : विडनमक
  • - 24 ग्राम : सेंधा नमक
  • - 24 ग्राम : पीपल
  • - 24 ग्राम : काला जीरा
  • - 24 ग्राम : पिपलामुल
  • - 24 ग्राम : तेजपत्ता
  • - 24 ग्राम : तालीस पत्र
  • - 24 ग्राम : नागकेशर
  • - 24 ग्राम : अम्लवेत
  • - 12 ग्राम : जीरा
  • - 12 ग्राम : काली मिर्च
  • - 12 ग्राम : सौंठ
  • - 06 ग्राम : इलायची
  • - 06 ग्राम : दालचीनी
घर पर बनायें लवण भास्कर पाउडर
सबसे पहली बात तो ये कि उपरलिखित सारी सामग्री किसी भी पंसारी के पास आसानी से मिल जायेगी. इनसे चूर्ण बनाने के लिए आप सबसे पहले सभी सामग्री को छान लें और उसमें नीम्बू का रस मिलाएं. अब इस मिश्रण को छाया में सुखाएं, इस प्रक्रिया को भावना देना भी कहा जाता है. बस इतना मात्र करने से ही आपका लवण भास्कर चूर्ण तैयार हो जाता है.

सावधानिया ( Cautions ) : इस चूर्ण को लेते वक़्त आपको ध्यान रखना है कि उच्च रक्तचाप रोगी और गुर्दे के रोगों से परेशान व्यक्ति इसका सेवन ना करें. डॉक्टर के सलाह से ही सेवन करे

नोट : कोई भी व्यक्ति आयुर्वेदिक औषधि बिना डॉक्टर के परामर्श के न ले ! क्योकि हर केस में मरीज़ के लक्षण अलग अलग होते हैं जिसका साइड इफ़ेक्ट भी हो सकता हैं – अगर आपको चिकिसकीय परामर्श चाहिए तो संपर्क करे ! आप हमे कॉल कर सकते हैं ! हमारा नंबर हैं - +91-8744808450, Whatsapp- +91 9911686262
Share This

Translate

Popular Posts

Recent Post

Hello!

Chat on WhatsApp