अश्मरी ( गुर्दे की पथरी ) की आयुर्वेद चिकित्सा-

आजकल ज्यादातर यह देख गया गया कि अधकांश लोग अश्मरी ( गुर्दे की पथरी ) जिसे वृक्कों की अश्मरी भी कहते है इससे पीड़ित है इस हेतु में यहां एक उत्तम योग लिख रहा हूँ 
  1.स्वर्ण मालिनी वसन्त 5 ग्राम, पाषाण भेद रस 10 ग्राम 
उपरोक्त दोनों को पीसकर अच्छी तरह मिलाकर 30 कागज की पुड़िया बना लें फिर एक पुड़िया सुबह एक शाम को पानी से लें 
  2. सर्वतोभद्रा वटी 1 गोली सुबह एक गोली शाम को लें । पानी से ।
  3 . वरुणादि क्वाथ , दिन में 3 से 5 तक दे  वरुणादि क्वाथ बनाने की विधि - 10 से 15 ग्राम वरुणादि क्वाथ ले 100 ml  पानी मे ऊबालें 25 ml  अर्थात चतुर्थांश शेष रहने पर छान कर पिलावे ,वरुणादि क्वाथ बाजार से सीधा ही ले लें 
   
नोट – किसी भी आयुर्वेद औषधि का सेवन करने से पहले आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले | जिससे आपको हानि होने की सम्भावना नही रहेगी |

यदि आपको हमारा लेख पसंद आया हो तो हमे कमेन्ट करके अवश्य बताये | साथ ही किसी भी प्रकार के परामर्श के लिए आप अपना सवाल कमेन्ट बॉक्स में छोड़े हमारे विशेषज्ञों द्वारा जल्द ही आपको जवाब दिया जायेगा |

धन्यवाद !



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