बालकों की पुष्टि हेतु उपचार
पहला प्रयोगः तुलसी के पत्तों का 10 बूँद रस पानी में मिलाकर रोज पिलाने से स्नायु एवं हड्डियाँ मजबूत होती हैं।
दूसरा प्रयोगः शुद्ध घी में बना हुआ हलुआ खिलाने से शरीर पुष्ट होता है।
मिट्टी खाने परः बालक की मिट्टी खाने की आदत को छुड़ाने के लिए खूब पके हुए केलों को शहद के साथ खिलायें।

शिशु को नींद न आने पर करे ये उपाय
पहला प्रयोगः बालक को रोना बंद न होता हो तो जायफल पानी में घिसकर उसके ललाट पर लगाने से बालक शांति से सो जायेगा।
दूसरा प्रयोगः प्याज के रस की 5 बूँद को शहद में मिलाकर चाटने से बालक प्रगाढ़ नींद लेता है।
  • नोट – किसी भी आयुर्वेद औषधि का सेवन करने से पहले आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले | जिससे आपको हानि होने की सम्भावना नही रहेगी |
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