उच्च रक्तचाप की आयुर्वेद चिकित्सा-

सर्प गन्धा वटी 2 गोली सुबह 2 गोली शाम को खाने के बाद लेनी चाहिए ।
अश्वगन्धारिष्ट 20 ml सुबह 20 ml शाम को खाने के बाद समान भाग पानी मिलाकर लें ।
अर्जुन त्वक ( छाल ) चूर्ण एक चमच एक गिलास पानी मे रात्री में भिगो दें सुबह हाथों को अच्छी तरह साफ करके उसे मसलकर साफ कपड़े से छान कर पी लें ।

एलोपैथी दवा भी कुछ दिन तक साथ ही चलने दे । फिर लाभ होने पर कम करते हुए बन्द कर दें और यह आयुर्वेद चिकित्सा चलने दे पूर्ण तया स्वस्थ होने पर धीरे धीरे दवा को कम करते हुए बन्द कर दें ।


नोट – किसी भी आयुर्वेद औषधि का सेवन करने से पहले आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले | जिससे आपको हानि होने की सम्भावना नही रहेगी |
यदि आपको हमारा लेख पसंद आया हो तो हमे कमेन्ट करके अवश्य बताये | साथ ही किसी भी प्रकार के परामर्श के लिए आप अपना सवाल कमेन्ट बॉक्स में छोड़े हमारे विशेषज्ञों द्वारा जल्द ही आपको जवाब दिया जायेगा |
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