मोटापा कम करने के आयुर्वेदिक व घरेलू उपाय

मानव शरीर की रचना पंच तत्वो से होती है। पृथ्वी, अग्नि, जल, आकाश और वायु; इन पंच तत्वो से निर्मित मानव शरीर को जीवंत रहने के लिए, और ऊर्जा प्राप्त करने के लिए संतुलित आहार ग्रहण करना परम आवश्यक है। हर किसी के लिए नित्य व्यायाम और योग करना लाभदायी होता है। यह शरीर एक कोरे कागज़ की तरह होता है, जिस पर हम अपने आचरण की कलम से कुछ भी लिख सकते हैं। जहाँ खानपान में लापरवाही और अनियमित दिनचर्या मानव शरीर को मोटापे और तरह-तरह की बीमारियों की तरफ धकेलती है वहीँ एक अच्छी डाइट लेना और नित्य व्यायाम करना हमें एक स्वस्थ गठीले शरीर का मालिक बना सकता है।
मित्रों, इस मशीनी युग में जहाँ हमें पहले की अपेक्षा बहुत कम शारीरिक श्रम करना पड़ता है बहुत से लोग मोटापे का शिकार होते जा रहे हैं। मैंने कहीं पढ़ा था-
इस दुनिया में जितने लोग खाने की कमी से नहीं मरते उससे कहीं ज्यादा अधिक खाने कि वहज से मर जाते हैं।
दोस्तों, यहाँ ये समझना ज़रूरी है कि मोटापा सिर्फ अपने आप में एक समस्या नहीं है बल्कि इसका रिश्ता और बहुत सी गंभीर बीमारियों जैसे :
  1. डायबिटीज (टाइप -2),
  2. हाइ ब्लड प्रैशर,
  3. दिल की बीमारियाँ और स्ट्रोक,
  4. कुछ खास प्रकार के केन्सर,
  5. अनिंद्रा की बीमारी,
  6. किडनी की बीमारी,
  7. फैटी लिवर- लिवर में मेद जमा होने से लीवर खरब होने की बीमारी,
  8. औस्ट्येआर्थराइटिस- जोड़ो की बीमारी, आदि से भी है।

इसलिए कुछ भी करके आपको अपने Weight Reduce करने के लिए पूरे efforts करने चाहिए। 
वजन कम करने के आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय
  1. एक ग्लास थोड़ा गरम पानी ले कर उसमे एक चम्मच काली मिर्च पाउडर, और चार चम्मच नींबू पानी, तथा एक चम्मच शहद मिला कर नित्य हर रोज सुबह पीने से वजन कम होता है। और अगर खाली पेट सुबह में गरम पानी में नींबू निचोड़ कर उसमे एक चम्मच शहद मिला कर रोज पिये तो भी वजन कम होता है।
  2. गोभी के पत्ते वजन कम करने के लिए काफी लाभदायी होते है। कच्चे सैलड में गोभी के पत्ते उबाल कर, या फिर कच्चे खाने से वजन कम होता है।
  3. भोजन के पूर्व टमाटर का सूप पीने से या टमाटर कच्चे खाने से भी वजन कम होता होता है।
  4. हर प्रकार की हरी पत्ती वाली सब्जी का आहार करें। यह सारे आयुर्वेदिक उपाय होने के कारण इनके साइड इफफ़ेक्ट्स नहीं होते हैं।
  5. सुबह का नाश्ता मध्यम मात्रा में लेना चाहिए। दोपहर का खाना भर पेट खाना चाहिए। क्योंकि दोपहर के समय पाचन तंत्र सबसे ज्यादा सक्रिय होता है।
  6. रात का खाना सोने से 3-4 घंटे पहले लेना चाहिए। रात्री का समय सोने के लिए होता है, इसलिए पाचन तंत्र को भोजन पचाने के लिए अधिक श्रम करना पड़ता है। रात का खाना कम कैलोरी वाला होना चाहिए।
  7. खाना हमेशा एक रस हो जाए उतनी देर चबा कर ही निगलना चाहिए।
  8. खाना हो सके तो थोड़ा गरम कर के ही खाना चाहिए। गरम किया हुआ खाना, या गरम पका हुआ खाना ठंडे खाने के मुक़ाबले ज़्यादा जल्दी पचता है। और पूरे दिन के समय थोड़ा-थोड़ा करके पानी पीते रहेना चाहिए ताकी खाना पचता रहे। भोजन को पचाने के लिए पानी की आवश्यकता होती है। हालांकि, एक्सपर्ट खाने के समय पानी ना पीने की सलाह देते हैं, इसलिए खाते समय पानी पीना avoid करना चाहिए।संरक्षित किया हुआ खाना खाने से परहेज करे। प्रोसेस्ड फूड खाना कम करें।
  9. हर ऋतु पर आने वाले फल का आहार करें।
  10. हर दिन के भोजन में तीखा, मीठा, फीका, सादा, चटपटा, खट्टा आदि सारे स्वादों का आनंद लें, क्योंकि हर एक स्वाद का प्रकार मानवीय शरीर के पाचनतंत्र को खाना हजम करने में अलग अलग तरीके से सहायक बनता है।
  11. तले हुए खाने से ज्यादा भुने उए व्यंजन का आहार चुने।
  12. खाना खाने के तुरंत बाद कभी न सोएं।


वजन घटाने के लिए खानपान

  1. वजन घटाने के लिए सुबह उठ कर कुछ भी खाये बिना शुद्ध पानी पीना लाभ दायी होता है। और अगर वह पानी पूरी रात पीतल के बरतन में भर कर रखा हुआ हो, तो और भी फायदेमंद होता है।
  2. बिना कुछ खाये पानी पी कर कसरत करने और चलने से शरीर की नसों को ऊर्जा प्राप्त होती है। तथा मन प्रफुल्लित होता है।
  3. ग्रीन टी और नींबू पानी भी वजन घटाने के लिए काफी उपियोगी हैं।
  4. नाश्ते के पूर्व सुबह या दोपहर में खाने के दो तीन घंटे बाद ग्रीन टी और नींबू का रेगुलर सेवन वजन कम करने मे मदद रूप साबित होता है।
  5. पका हुआ नींबू और शहद मिला कर पीने / चाटने से भी वजन कम हो सकता है।
  6. एसिडिटी ना हो तब रात को हल्दी वाला पतला दूध (बिना मलाई वाला) पीने से भी वजन घटाने में मदद मिलती है।
  7. त्रिफला, आमला और हरड़े, दाँत और पेट के लिए उत्तम होते हैं। दाँत मजबूत होंगे तो खाना चबाना आसान होगा और खाना ठीक से चबाया जाएगा तो पाचन तंत्र सही तरीके से सारा खाना हजम कर पाएगा, और खाना ठीक हजम होगा तो पेट मे किसी तरह का अपचित आहार इकट्ठा नहीं होगा। जब भी खाना पूरी तरह से नहीं पचता है तब उस आहार का परिवर्तन चरबी / FAT में हो जाता है। इसलिए त्रिफला, आमला और हरड़े का नित्य सेवन करें।
  8. वजन नियंत्रित करने के लिए ताजा सब्जियाँ, फल और बीन्स का आहार उत्तम रहता है। जैसे कि ककड़ी, खीरा, मूली, चना, मूंग, मटर, पपीता, गाजर और हर प्रकार की दाल खाना हितकारी होता है।
  9. स्वदेशी मसाले जैसेकि हींग, अजवायन, काली मिर्च, लौंग, और कड़ीपत्ता जेसे देसी मसाले अगर खाने में सही मात्रा में डाले जाते रहें तो पाचन तंत्र को खाना हजम करने में मदद मिलती है। और पेट साफ रहने के कारण शरीर में फैट जमा नहीं होता है।
  10. प्रति दिन थोड़े मात्रा में ड्रायफ़ृट्स बादाम, पिस्ता, अंजीर, काजू, और किशमिस खाने से प्रोटीन विटामिन मिलते हैं और पाचन तंत्र भी अच्छा रहता है।
  11. खाने के बाद तुरंत पानी पीना तेजी से वजन बढाता है।
  12. खाना थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ज्यादा बार खाने से पाचन तंत्र को श्रम कम पड़ता है जिस से अपाचन नहीं होता और चरबी भी नहीं बढ़ती।
  13. शक्कर वाले शरबत, मीठे पकवान, संचय किया हुआ खाना, कोल्डरिंक्स, बेकिंग प्रोडक्टस (ब्रैड, पाव), और बीयर वजन बढ़ाते है।
  14. तला हुआ खाना, देसी घी, आलू, मैदा युक्त व्यंजन, चावल, चीनी वगैरह चरबी बढ्ने में सब से अहेम भूमिका निभाते हैं।
  15. खाने के समय बाते करना, टीवी देखना, काफी नुकसान देह है, इस तरह खाने से आदमी अपनी भूख से अधिक खा लेता है और उसे पता भी नहीं चलता।


वजन घटाने के लिए व्यायाम

तंदरुस्त जीवन का मूल मंत्र व्यायाम है। व्यायाम और योग बीमारियों को मानव शरीर से दूर रखता है। स्फूर्ति प्रदान करता है। और प्रतिकार शक्ति बढ़ता है। समतोल आहार और व्यायाम का सही संगम मानव शरीर को लोहे जैसा मजबूत बना देता है।
  • Daily life में लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का उपयोग करना चाहिए।
  • प्रति दिन एक से तीन किलोमीटर वॉक करना चाहिए।
  • आयुर्वेद शास्त्र के मुताबिक सूर्यास्त के बाद जितना जल्दी हो सके सो जाना और सूर्योदय होने से पूर्व उठ  जाना शरीर के लिए उत्तम होता है।
  • प्राणायाम, कपालभाती, शीर्षासन, मयूरआसन, धनुराशन, पवनमुक्तआसन, सूर्य नमस्कार, बटरफ्लाइ, इत्यादि  कसरतें काफी जल्दी से शरीर को फायदा देती हैं।
  • टीवी देखने और विडियो गेम्स खेलने की वजाय बाहर मैदान मे जा कर दौड़ भाग कर के खेले जाने वाले खेल खेलना कलेरी बर्न करता है।
  • हल्के सूर्य की रोशनी में चलने से पसीना जल्दी आता है। और पसीना आने से कलरी जल्दी बर्न होती है।
  • नींद अगर पूरी ना हो पाये तब भी वजन बढ़ सकता है। अनिंद्रा के कारण शरीर वजन बढ़ाने वाले होर्मोन त्याग करता रहता है। इसलिए रात को पर्याप्त नींद लेना आवश्यक है।
  • मानसिक तनाव भी मोटापा बढ़ा सकता है। मानसिक तनाव / डिप्रेशन होने पर कई लोग रोते है, कई लोग कसरत करने लगते है, कई लोग काउंसिलिंग का सहारा लेते है, और कई लोग ज़्यादा खाना खाने लग जाते हैं। दोपहर की नींद भी वजन में बढ़ोतरी करती है।
  • तत्काल वजन करने के इरादे से कई लोग डाएट प्लान बना कर उसका पालन करते हैं। और साथ में नित्य कसरत कर के अच्छे परिणाम पाप्त कर ले ते हैं। परंतु एक बार वजन घटाने के बाद अपनी पुरानी लापरवाह आदतों की ओर लौट जाते हैं। और दुगनी तेज़ी से अपना वजन बढ़ा लेते हैं। इसलिए एक बार वजन नियंत्रण में आ जाने के बाद अनुशासन काफी आवश्यक होता है।
नोट – किसी भी आयुर्वेद औषधि का सेवन करने से पहले आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले | जिससे आपको हानि होने की सम्भावना नही रहेगी |

यदि आपको हमारा लेख पसंद आया हो तो हमे कमेन्ट करके अवश्य बताये | साथ ही किसी भी प्रकार के परामर्श के लिए आप अपना सवाल कमेन्ट बॉक्स में छोड़े हमारे विशेषज्ञों द्वारा जल्द ही आपको जवाब दिया जायेगा |

धन्यवाद !

Calling & Whatsapp No- : +91 8744808450

Facebook Group Link : https://www.facebook.com/groups/2195034564132805/


Share This

Translate

Popular Posts

Recent Post

Hello!

Chat on WhatsApp