आयुर्वेद औषधि अश्वगंधारिष्ट के 5 फायदे |
अश्वगंधारिष्ट को आयुर्वेद में एक प्रभावी औषधि के रूप में देखा गया है | अश्वगंधा नाम में पौधे द्वारा अश्वगंधारिष्ट को निर्मित किया जाता है | इस पौधे में अश्व की गंध आने के कारण इसे अश्वगंधा का नाम दिया गया है | अश्वगंधारिष्ट के प्रभाव को अधिक बनाने के लिए इसमें मुख्य तत्व अश्वगंधा के अतिरिक्त और भी बहुत सी औषधियाँ शामिल की गयी है जिनका विवरण नीचे दिया गया है | अश्वगंधारिष्ट का प्रयोग मुख्य रूप से शारीरिक दुर्बलता व मानसिक विकार दूर करने के लिए किया जाता है | इसके अतिरिक्त यौन रोगों के उपचार में भी अश्वगंधारिष्ट एक प्रभावी औषधि है |

अश्वगंधारिष्ट के मुख्य घटक :
अश्वगंधा , श्वेता, मूसली, मंजिष्ठा, हरीतकी, हरिद्रा, याष्टिमधु, विदरी कंद, दारूहरिद्रा, अर्जुन तवक, अनंत मूल, रक्ता चंदन, कृष्ण सरिवा , चंदन, धताकिपुष्प, शुनथि, वचा , मधु, मारीच ,तवाक , इला, तेजपत्रा, प्रियांगु, नागाकेसर, पिपाली |

अश्वगंधारिष्ट – प्रयोग मात्रा :
बच्चे : 10 ml इसमें लगभग 30 ml पानी मिलाकर सेवन करें |

व्यस्क : 20 ml इसमें लगभग 40 से 60 ml तक पानी मिलाकर सेवन करें |

ज्यादा छोटे बच्चे व गर्भवती महिलाये इस औषधि का सेवन न करें | इस औषधि के सेवन आप 3 से 4 माह लगातार करके कुछ दिन के लिए बंद कर दे | उसके बाद फिर से शुरू कर सकते है |

अश्वगंधारिष्ट के फायदे :
1. मानसिक विकार दूर करता है :
अश्वगंधारिष्ट/Ashwagandharishta दिमाग की नशों को शांत रखता है | मानसिक विकार जैसे : तनाव , चिंता , अनिद्रा और चिडचिडापन में यह औषधि चमत्कारिक रूप से प्रभाव दिखाती है | अश्वगंधारिष्ट  के कुछ दिन प्रयोग से मन शांत रहता है | सभी मानसिक विकार दूर होते है |

2. शारीरिक दुर्बलता दूर करता है :
अश्वगंधारिष्ट/Ashwagandharishta  का सेवन आपके लिए बहुत गुणकारी है | जो शरीर से दुर्बल है स्वयं को कमजोर महसूस करते है वे इसका नियमित सेवन करें | अश्वगंधारिष्ट  के नियमित सेवन से शरीर को बल मिलता है | आपका immune system भी मजबूत बनता है | जो लोग जल्दी थक जाते है स्वयं को कमजोर महसूस करते है वे इसका सेवन कर सकते है |

3. यौन क्षमता बढ़ाने में उपयोगी :
जो व्यक्ति यौन व्याधियों से पीड़ित है | वे अश्वगंधारिष्ट  के नियमित प्रयोग से नया जीवन प्राप्त करते है | कुछ दिन प्रयोग मात्र से उन्हें वैवाहिक जीवन में आनंद आने लगता है | अश्वगंधारिष्ट  आपकी सेक्स पॉवर को बढ़ाता है | इसके सीवन से प्रजनन क्षमता में सुधार होता है | नपुंसकता व शीघ्रपतन दूर करने में यह एक प्रभावी औषधि है |

4. हड्डियों व जोड़ों के दर्द में प्रभावी औषधि :
अश्वगंधारिष्ट  का प्रयोग न केवल शारीरिक व मानसिक दुर्बलता दूर करने में किया जाता है बल्कि यह जोड़ो के दर्द, गठिया रोग व हड्डियों के रोगों में भी बहुत प्रभावी औषधि है | बहुत से चिकित्सक गठिया व जोड़ो के रोग में अश्वगंधारिष्ट  का प्रयोग करने की सलाह देते है |

5. अनिद्रा दूर करने में उपयोगी औषधि :
जिन लोगों को रात्रि में ठीक से नींद नहीं आती वे अश्वगंधारिष्ट  का सेवन रात्रि में सोते समय करें | अश्वगंधारिष्ट  के सेवन से कुछ ही दिनों आपकी अनिद्रा की शिकायत दूर होने लगती है | इसके उपयोग से आप गहरी व भरपूर नींद लेने में सक्षम होते है |

ध्यान रखने योग्य : जिन लोगों को पेट की समस्या रहती है, एसिडिटी व गैस की समस्या रहती है या फिर जिन्हें पेट में अल्सर आदि है उन्हें अश्वगंधारिष्ट/Ashwagandharishta का सेवन नहीं करना चाहिए | गर्भवती महिलाएं भी अश्वगंधारिष्ट का सेवन न करें | थायराइड के रोगी को भी अश्वगंधारिष्ट के उपयोग से बचना चाहिए |

आयुर्वेद दवा निर्माता उद्योग वैद्यनाथ द्वारा निर्मित अश्वगंधारिष्ट/Ashwagandharishta या डाबर द्वारा निर्मित अश्वगंधारिष्ट गुणवत्ता में अच्छी होती है | जो अश्वगंधारिष्ट/Ashwagandharishta कुछ वर्ष पुरानी हो जाती है वह अधिक प्रभावी होती है | इसलिए कुछ वर्ष पुरानी अश्वगंधारिष्ट बाजार में अश्वगंधारिष्ट स्पेशल के नाम से उपलब्ध है |  किसी विशेष परिस्थिति में इस औषधि के सेवन से पूर्व किसी अच्छे चिकित्सक से सलाह अवश्य ले |
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